Moral Stories In Hindi For Class 8

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का kahanistation पर और आज हम लाए हैं आपके लिए 
कुछ Moral Stories जिन्हें पढ़कर आपको कुछ सीखने को भी मिलेगा।

Moral story in Hindi for Kids

1.     पिता पुत्र की कहानी 

''यह छोटी सी  कहानी एक पिता अपने बेटे से एक सबक सीखता है''
चंदन एक बढ़ई था। वह एक गाँव में रह रहा था। उनकी मां का काफी समय पहले देहांत हो चुका था ।उनके वृद्ध पिता, कपिल , चंदन  के साथ रहते थे। कपिल  बहुत कमजोर थे। वह ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे । वह इतना कमजोर थे के ऐसा इसलिए था क्योंकि चंदन  ने उन्हें पर्याप्त भोजन नहीं दिया था। उसने अपने पिता को एक छोटी मिट्टी की थाली दी थी। थाली में भी थोड़ी मात्रा में चावल ही  दिया। चंदन  एक बुरा आदमी था। वह शराबी भी था। शराब  लेने के बाद, उसने अपने पिता के साथ दुर्व्यवहार किया।

Moral Stories In Hindi For Class 8

चंदन  का एक बेटा था। उसका नाम सत्तू  है। सत्तू  सिर्फ दस साल का था। वह बहुत अच्छा लड़का था। वह अपने दादा से प्यार करता था। अपने दादा के प्रति उनके मन में बहुत सम्मान था। उन्हें अपने पिता का रवैया और चरित्र बिल्कुल भी पसंद  नहीं था, क्योंकि उनके पिता अपने दादा के साथ अच्छा  व्यवहार नहीं  कर रहे थे।

एक दिन कपिल  अपने खाने को मिट्टी की प्लेट से निकाल कर खा रहे थे जो उनके बेटे ने उन्हें दे दी थी। मिट्टी का बर्तन  नीचे गिर गया। प्लेट टुकड़ों में टूट गई। खाना भी फर्श पर गिरा। चन्दन  कमरे के दूसरे छोर पर काम कर रहा था। उसने टूटी हुई प्लेट देखी। वह अपने पिता से बहुत नाराज था और उसने अपने पिता को गाली देने के लिए बहुत कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया। बूढ़े आदमी को बुरा लगा उसे अपनी गलती पर खेद था। चंदन  के शब्दों ने उन्हें बहुत गहराई से घायल कर दिया।

चंदन के बेटे सत्तू ने इसे देखा। उसे अपने पिता पसंद नहीं थे। उसके पिता अपने दादा के साथ बुरा बर्ताव कर रहे थे। वह अपने पिता के खिलाफ बोलने से डरता था। वह अपने दादा के बारे में दुखी था। लेकिन वह अपने दादा के समर्थन में खड़े होने के लिए शक्तिशाली नहीं था।

अगले दिन सत्तू अपने पिता के कुछ बढ़ईगिरी के औजार और लकड़ी का एक टुकड़ा ले गया। उन्होंने लकड़ी की प्लेट बनाने के लिए उपकरणों के साथ काम किया। उसके  पिता ने उसे ये काम  करते हुए देखा।

"तुम क्या कर रहे हो, सत्तू ?" उन्होंने पूछा।

"मैं एक लकड़ी की थाली बना रहा हूँ!" सत्तू  ने कहा।

“एक लकड़ी की प्लेट! किस लिए? ” पिता ने पूछा।

“मैं इसे आपके लिए बना रहा हूं, पिता। जब आप बूढ़े हो जाओगे तो मेरे दादाजी की तरह, आपको भोजन के लिए एक प्लेट की आवश्यकता होगी। मिट्टी से बनी एक प्लेट बहुत आसानी से टूट जाती है। तब मैं आपको गंभीर रूप से डांट सकता हूं।
इसलिए, मैं आपको एक लकड़ी की प्लेट देना चाहता हूं। यह इतनी आसानी से नहीं टूट सकता। ”

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यह सुनकर बढ़ई हैरान रह गया। केवल अब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ। चंदन के पिता चंदन के प्रति दयालु थे,उन्होंने चंदन की बहुत अच्छी देखभाल की थी। अब, वह बूढ़ा हो गया था। चंदन अपने पिता के साथ गंभीर व्यवहार कर रहा था। चंदन अब अपने व्यवहार से बहुत दुखी था। उसे अपनी गलतियों का एहसास हुआ। वह फिर एक अलग व्यक्ति बन गया।
उस दिन से, चंदन ने अपने पिता के साथ बहुत सम्मान के साथ व्यवहार किया। उसने शराब पीना भी छोड़ दिया। चंदन ने अपने ही बेटे से सबक सीखा।

तो दोस्तों आपने देखा कि किस प्रकार चंदन ने अपनी सूझ - बूझ के दम पर अपने दादाजी की सहायता की और अपने पिता को भी सही मार्ग दिखाया।

कहानी से सीख -
आपको हर समय अपने माता-पिता का सम्मान करना चाहिए। यह आपका कर्तव्य है। यह आपको उनका आशीर्वाद देता है।

Moral Story in Hindi For Class 8
Moral Story in Hindi For Class 7

आम क्यों फलों का राजा? - हिंदी कहानी 
एक समय था जब सभी फल वाले पेड़ अपने सौन्दर्य पर घमंड करते थे । सभी अपने अस्तित्व का एकमात्र कारण अपने सुंदर पत्तियों की बनावट, अपने फूलों की महक और अपने फलों के स्वाद को हे मानते थे । उनका मानना था कि ये सब हैं, तभी हम जीवित हैं इनके बिना तो हमारा इस पृथ्वी पर कोई अस्तित्व ही नही रहेगा ।

किन्तु उनमें से आम का पेड़ पत्ती फूल या फलों को अपने अस्तित्व का कारण नहीं मानता था क्योकि उसे पता था कि उनका जीवन आधार केवल और केवल उनकी जडे ही हैं। जड़ ही तो हैं जो उनके जन्म से लेकर अन्तकाल तक उनका साथ देती हैं फिर भी उसको अपनी बात अपने तक ही सिमित रखनी पड़ती थी क्योंकि पेड़ उसी बात को मानते थे जिसे अधिकतम पेड़ सहमती देते थे इसलिये वह चुप रहता था।

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Moral Story in Hindi For Class 7


समय बीतता गया हरे- भरे पेड़ फूलों से भर गये फिर फूलों से फल बने और जब जीव जन्तुओ ने पेड़ो के फल ,फूल खा लिए और आखिरकार पतझड़ में पेड़ो की पत्तियां सुख कर नीचे गिर गयी तब आम के पेड़ को अपनी बात रखने का मौका मिल गया और उसने सभी पेड़ों से कहा
- देख लो भाई जिसे आप अपने अस्तित्व का कारण मानते थे, वे आज हम सब को छोड़ के दूर हो गये हैं लेकिन हमारी जड़े..हमारी जड़ों ने हमारा साथ हमारे जन्म से लेकर अब तक कभी भी नहीं छोड़ा, जो कि जमीन के अंदर से हमारे पतियों, फूलों, और हमारे फलों का पोषण करती हैंA वही हमारे जीवन के अस्तित्व का कारण हैं वरना इनके बिना हमारा जीवन समाप्त हो जायेगा और हमारी अकाल मृत्यु निश्चित है भले ही हम पतझड़ में सूख गये हों लेकिन बसंत ऋतु आते ही हम पुनः हरे-भरे हो जायेंगे, हमारा सौन्दर्य पुनः लौट आएगा इसलिए जड़े ही हमारे जीवन की नींव हैं ।

Moral Story in Hindi For Class 8


  सभी पेड़ों ने आम के पेड़ की इस बात पर अपनी सहमती दी और सभी पेड़ों ने आम को फलों का राजा घोषित किया ।
और इस प्रकार आम फलों का राजा बन गया।

कहानी से सीख - 
जीत उसी की होती है जो सयंम तथा बुद्धिमानी से कार्य करता है।

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