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M S Dhoni Biography In Hindi

एम एस धोनी की जीवनी

भारत में क्रिकेट ही एक ऐसा खेल है जिससे देश का हर एक बच्चा वाकिफ है , और हर गली में हर उम्र के लोग क्रिकेट खेलते हुए देखे जा सकते हैं। कुल मिलकर कहें तो क्रिकेट बहुत ज्यादा पसंद किया जाता है ; और जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट के मैच होते हैं तो यह किसी त्यौहार के समान ही होता है।


भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े और अच्छे कप्तानों में कपिल देव, अजहरुद्दीन और सौरव गांगुली जैसे बड़े नामों के साथ एम एस धोनी का नाम भी शामिल है।



एम एस धोनी जीवनी M S Dhoni Biography In Hindi
M S Dhoni Biography In Hindi




भारतीय क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी का नाम हमेशा आदर से लिया जाता है जिसका कारण किसी से छिपा नहीं है। वे एक ऐसे भारतीय कप्तान रहे जिनकी कप्तानी में भारत ने icc द्वारा आयोजित T 20 वर्ल्ड कप (2007), ODI वर्ल्ड कप (2011) और चैंपियन्स ट्रॉफी ( 2013 ) को अपने नाम किया।


भारतीय क्रिकेट में सबसे अधिक पसंद लिए जाने वाला खिलाड़ी भी एम एस धोनी ही हैं। आज हम इन्हीं के बारे में आपको बताएंगे।








तो नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का KahaniStation पर और आज हम चर्चा करेंगे "द कैप्टन कूल" महेंद्र सिंह धोनी के बारे में


संक्षिप्त जीवनी


नाम - महेंद्र सिंह धोनी

जन्म - 7 जुलाई 1981

पिता - पान सिंह धोनी

माता - देवकी देवी

भाई - नरेंद्र सिंह धोनी

बहन - जयंती गुप्ता

मूल निवास - लावली गांव , अल्मोड़ा ( उत्तराखंड)

जन्म स्थान - रांची , बिहार (वर्तमान झारखंड) 

व्यवसाय - क्रिकेटर

पत्नी - साक्षी धोनी

बेटी - जीवा


एमएस धोनी जीवनी


महेंद्र सिंह धोनी का जन्म 7 जुलाई 1981 को रांची, झारखंड (उस समय बिहार) में हुआ।

एम एस धोनी के पिता का नाम पान सिंह धोनी है और माता का नाम देवकी है। उनका मूल निवास (पुश्तैनी घर) उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद के लावली गांव में है। महेंद्र के 

जन्म से पूर्व ही उनके माता पिता कामकाज और नौकरी के लिए रांची शिफ्ट हो गए।

कैप्टन कूल के पिता पान सिंह धोनी एक पंप मैकेनिक के पद पर MECON में काम करते थे।


धोनी की बहन का नाम जयंती और भाई का नाम नरेंद्र सिंह धोनी है।


महेंद्र सिंह धोनी का जन्म एक lower middle class परिवार में हुआ जिस कारण उन्हें अपनी क्रिकेट की यात्रा में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा था जैसा कि हर सामान्य वर्ग का बच्चा करता है।


एम एस ने अपनी स्कूली पढ़ाई डी ए वी जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली (रांची) से की।


धोनी को बचपन से ही मैदान पर खेले जाने वाले खेलों का शौक था जिसमें फुटबॉल और बैडमिंटन प्रमुख थे। अपने स्कूल की फुटबॉल टीम में वे बतौर एक गोलकीपर थे।


धोनी फुटबॉल में इतने अच्छे थे कि उन्हें जिला स्तर और क्लब स्तर पर खेलने के लिए टीम में सेलेक्ट किया गया।


उसी दौरान उनकी फुटबॉल टीम के कोच ने धोनी की प्रतिभा को समझते हुए उनको क्रिकेट में बतौर विकेट कीपर खेलने को कहा।


शुरुआती दौर में धोनी सिर्फ विकेट कीपर ही थे लेकिन उनके अंदर एक महान बल्लेबाज भी छिपा था यह सबको बहुत देर में पता चला।शुरुआती दिनों में उन्हें बैट चलाने का अवसर नहीं मिला लेकिन जब उनका बल्ला बोला तो सबकी बोलती बंद हो गई।


कक्षा 10वी तक धोनी पढ़ाई और खेल दोनों को महत्व देते थे लेकिन उसके बाद उन्होंने निश्चय किया कि अब उन्हें केवल अपने क्रिकेट पर ध्यान देना है ।


1995 से 1998 के दौर में धोनी  कमांडो क्रिकेट क्लब में विकेट कीपर के रूप में रहे और 1997-98 में उन्हें अंडर-16 वीनू मंकड़ ट्रॉफी के लिए चुना गया ।


18 वर्षीय एम एस ने बिहार के लिए रणजी खेलना शुरू किया ।अपने पहले मैच में माही ने 

68 रन बनाए और 1999-2000 के अपने पहले सीजन में कुल 5 मैच खेले जिसमें 283 रन बनाए ।


कुछ समय बीतने के बाद धोनी ने रेलवे में बतौर टीटीई की परीक्षा दी और उसमें पास हो गए।

उन्हें रेलवे में चुन लिया गया जो कि एक सामान्य वर्ग के  परिवार के लिए काफी खुशी की बात थी।

 

अब धोनी को क्रिकेट के अलावा काम को भी वक्त देना होता था।सन 2001 से 03 तक एम एस धोनी ने खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर एक टी टी ई के पद पर काम किया।


माही ने लिटिल मास्टर सचिन तेंदुलकर और एडम गिलक्रिस्ट को अपना आदर्श माना।

 

बीसीसीआई के प्रतिभा संसाधन विकास अधिकारी (Talent Resource Development Officer) प्रकाश चन्द्र पोद्दार  ने धोनी की प्रतिभा को देखते हुए उन्हें इंडियन क्रिकेट की A टीम में सेलेक्ट कर लिया। फिर धोनी केन्या ट्राइएंगुलर टूर्नामेंट 2004 के लिए केनिया गए वहां धोनी का बल्ला जोरों से बोला और दो मैचों में 119 और 120 रन बनाए । इस टूर्नामेंट में उन्होंने 7 मैचों में 362 रन बनाकर भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अपनी जगह की दावेदारी पक्की कर ली।


India A टीम के कोच ने धोनी का नाम भारतीय क्रिकेट टीम में प्रस्तावित किया और 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ दौरे के लिए धोनी को बतौर विकेट कीपर बल्लेबाज खेलने का मौका मिला।


बांग्लादेश के खिलाफ धोनी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, अपने पहले एकदिवसीय मैच में वह शून्य पर पवेलियन लौट गए।


लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ दौरे में जब उन्हें मौका दिया गया तो उन्होंने वहां जमकर अपनी बल्लेबाजी का प्रदर्शन दिखाया।


अपने पांचवे मैच में धोनी ने शतक मारकर भारत को विजय दिलाई, इस मैच में उन्होंने 123 गेंदों पर 148 रन बनाए।


इसी मैच में उन्होंने एक विकेट कीपर बैट्समैन का सर्वोच्च स्कोर का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।


2007 में एम एस धोनी भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान चुने गए जब सौरभ गांगुली (दादा) ने कप्तानी छोड़ दी।


2007 में धोनी की कप्तानी में भारत ने पहला t - 20 विश्व कप जीता।


2011 में एम एस धोनी ने भारत को अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट वर्ल्ड कप (ODI cricket World Cup ) जिताया। 


2013 में आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी को भी एम एस धोनी की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने अपने नाम किया।


एम एस ने 2007 से 2016 तक ODI टीम की कप्तानी की और टेस्ट में 2008 से 2014 तक टीम इंडिया का नेतृत्व किया।


आईपीएल की सबसे सफलतम टीमों में से धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स एक है जिसने 3 बार आईपीएल ट्रॉफी को अपने नाम किया।


एम एस धोनी का व्यक्तिगत जीवन

4 जुलाई 2010 को महेंद्र सिंह धोनी का विवाह शाक्षी धोनी से हुआ। 

6 फरवरी 2015 के दिन उनके घर एक बेटी ने जन्म लिया जिसका नाम जीवा रखा गया।


एम एस धोनी सेना में शामिल


2011 में भारतीय टीम को विश्व कप जीतने में अपनी महत्वपूर्ण पारियां और प्रशंसनीय कप्तानी के लिए एम एस धोनी को इंडियन टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि प्रदान की गई।

31जुलाई 2019 को धोनी जम्मू कश्मीर में 106 टेरिटोरियल आर्मी बटालियन में शामिल हुए जहां उन्होंने 15 अगस्त 2019 (15दिनों) तक अपनी सेवाएं दी।


एम एस धोनी अवॉर्ड्स


एमटीवी यूथ आइकन ऑफ़ द इयर अवॉर्ड 2006 में

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार 2007

आईसीसी ओडीआई प्लयेर ऑफ़ द इयर 2008 और 2009 में

पद्म श्री 2009 में

LG पीपुल्स च्वाइस अवार्ड 2013 में

सीएनएन - आईबीएन इंडियन ऑफ द इयर इन स्पोर्ट्स 2011 में

पद्म भूषण 2018 में 

आईसीसी अवॉर्ड फॉर स्पिरिट ऑफ़ क्रिकेट 2011 में

2010,11,12,13,14..आदि में आईसीसी की ओडीआई टीम ऑफ़ द इयर में रहे।


एम एस धोनी के बारे में रोचक तथ्य

Facts about ms dhoni in Hindi


  • धोनी अपने शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं लेकिन जब वे रेलवे क्वॉर्टर्स में रहते थे तो वे अक्सर दोस्तों के साथ मिलकर शरारतें भी किया करते थे।

एक बार माही ने आधी रात को अपने ऊपर एक सफेद चादर ओढ़ ली और कॉलोनी में घूमने लगे , कॉलोनी में जिस किसी ने भी उनको देखा तो उन्हें भूत समझकर भागने लगे।

बाद में लोगों को पता चल गया कि यह अपना माही था।


  • बचपन में धोनी को क्रिकेट पसंद नहीं था बल्कि वह फुटबॉल को अधिक पसंद किया करते थे।


  • सचिन से मुलाकात


2001 में सचिन और एम एस विरोधी टीमों में खेल रहे थे। उस मैच में धोनी खेल नहीं रहे थे बल्कि टीम को पानी पिलाने का काम कर रहे थे , जब वह अपनी फील्डिंग करती टीम के लिए पानी लेकर गए तो बल्लेबाजी करते हुए सचिन तेंदुलकर ने उनसे पूछा , "क्या उन्हें भी पानी मिलेगा?"

धोनी ने बिना कुछ कहे ही सचिन को पानी की बोतल थमा दी और यही क्रिकेट के दो दिग्गज खिलाड़ियों की पहली मुलाक़ात थी।



  • आकाश चोपड़ा और धोनी जब एक साथ इंडिया A टीम के लिए खेलते थे तो आकाश ने उन्हें लंबे बाल ना रखने कि सलाह दी। लेकिन माही का उत्तर था, "क्या पता जब इंडियन टीम में सलेक्ट हो जाए तो लोग भी लंबे बालों को फैशन शुरू कर दें।"हुआ भी ऐसा ही ,2007 में जब धोनी की कप्तानी में भारत ने t 20 वर्ल्ड कप जीता तो फैंस ने लंबे बाल रखना शुरू कर दिया था।


  • अपने पहले एकदिवसीय अंरराष्ट्रीय मैच में धोनी शून्य पर आउट हो गए थे।


  • 2011 के विश्व कप के फाइनल में जब विराट आउट हुए तो उनके बाद युवराज सिंह को बल्लेबाजी करते हुए देखा जाता था लेकिन उस  मैच में कैप्टन कूल खुद बल्लेबाजी करने युवराज से पहले आए और 79 गेंदों पर 91 रनों की विजई पारी खेली। जब उनसे एक इंटरव्यू में इस बारे में पूछा गया तो माही का जवाब था कि यह उनके गमेप्लान का ही हिस्सा था जब विराट आउट हुए तो उस समय मुरलीधरन ( श्रीलंकन स्पिनर) बॉलिंग कर रहे थे और क्योंकि मुरली उस समय धोनी के साथ आईपीएल की एक ही टीम में खेलते थे तो धोनी उनकी गेंदबाजी की रणनीति को अच्छी तरह समझते थे, इसलिए उन्होंने युवराज को ना भेजकर स्वयं बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया।


  • 2011 में वर्ल्ड कप जीतने के बाद धोनी की आंखो में भी आंसू थे जबकि कोई भी कैमरामैन यह फिल्माने में असमर्थ रहा और यह बात खुद माही ने एक इंटरव्यू में बताई।


  • 2016 में एक मैच के दौरान जब धोनी बोल्ड हुए तो विकेट की गिल्ली उनकी आंख में लग गई , लेकिन जब फील्डिंग की बारी आई तो धोनी बाहर बैठने के बजाय फील्ड पर उतर गए। यह बात उनका क्रिकेट के प्रति लगाव को स्पष्ट दर्शाता है।


  • धोनी भारत के एकमात्र ऐसे कप्तान हैं जिनकी कप्तानी में टीम ने आईसीसी की तीनों मुख्य ट्रॉफियों को जीता है ।वे ट्रॉफी हैं -

आईसीसी टी 20 वर्ल्ड कप - 2007

आईसीसी ओडीआई वर्ल्ड कप - 2011

चैंपियन्स ट्रॉफी - 2013


  • 15 अगस्त 2020 को जब महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की तो उन्हें सम्मान देते हुए भूतपूर्व खिलाड़ी गौतम गंभीर ने कहा कि धोनी का 3 आईसीसी ट्रॉफियों को जीतने का रिकार्ड हमेशा बरकरार रहने वाला है ।


  • उन्हें 2003 में एक छोटे से टैलेंट स्पॉटिंग इवेंट में खोजा गया .खिलाड़ी(महेन्द्र सिंह धोनी) को  2003 में जमशेदपुर में एक क्रिकेट मैच में अपना बड़ा ब्रेक मिला, जो कि BCCI के छोटे शहर के टैलेंट-स्पॉटिंग पहल के हिस्से के रूप में था।


  • क्रिकेट हमेशा से उनका बुलावा नहीं था- धोनी ने फुटबॉल और बैडमिंटन में भी प्रयोग किया।
  •  पूर्णकालिक क्रिकेट का पीछा करने से पहले, एथलीट अपने स्कूल की फुटबॉल टीम के लिए गोलकीपर के रूप में काम करता था और यहां तक ​​कि बैडमिंटन में भी अपना हाथ आजमाता था।

  • स्पोर्ट्समैन एम एस धोनी के पास करोड़ों रुपए की बाइक का एक योग्य संग्रह है, जिसमें एमएस धोनी ने कथित तौर पर अपनी पहली बाइक 4,500 रुपए में खरीदी थी।  आज, वह एक बहु-करोड़ गैराज का मालिक है जो विंटेज टुकड़ों से लेकर नवीनतम मॉडलों के लिए बहुत प्यार करता है।

  • एमएस धोनी का ट्रेडमार्क 'हेलीकॉप्टर शॉट' उन्हें उनके पूर्व साथी और करीबी दोस्त ने सिखाया था ।उस हस्ताक्षर से सभी को प्यार हुआ जो वास्तव में धोनी द्वारा आविष्कार नहीं किया गया था। यह उनके बचपन के दोस्त और झारखंड टीम के पूर्व साथी संतोष लाल, एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी ’में सामने आया था।
M S Dhoni Retirement Video From Instagram


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